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100 1 _aराय, त्रिभुवन
245 1 _aयशपाल की उपन्यासकला का मध्य बिन्दु : मनुष्य के रूप
_cby त्रिभुवन राय
260 _aनई दिल्ली
_bनेशनल काउंसिल ऑफ़ हिन्दी लिट्रेचर
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