| 000 | 00735 am a2200193 a 4500 | ||
|---|---|---|---|
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| 003 | OSt | ||
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| 008 | 60224 ### | ||
| 020 | _a9788189562588 | ||
| 041 | _aHindi | ||
| 082 |
_a891.4337109 _bR13Y |
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| 100 | 1 | _aराय, त्रिभुवन | |
| 245 | 1 |
_aयशपाल की उपन्यासकला का मध्य बिन्दु : मनुष्य के रूप _cby त्रिभुवन राय |
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| 260 |
_aनई दिल्ली _bनेशनल काउंसिल ऑफ़ हिन्दी लिट्रेचर _c2015 |
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| 300 | _a238पृ. | ||
| 653 | _aउपन्यासकला | ||
| 942 |
_2ddc _cBK |
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| 999 |
_c15282 _d15282 |
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