| 000 | 00920 am a2200217 a 4500 | ||
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| 003 | OSt | ||
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| 008 | 60301 ### | ||
| 020 | _a9788179754153 | ||
| 041 | _aHindi | ||
| 082 |
_a891.4347109 _bC39B |
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| 100 | 1 | _aचौहान, शिवदान सिंह | |
| 245 | 1 |
_aभारत में प्रगातिशील साहित्य की आवश्यकता _cby शिवदान सिंह चौहान, edited by अमरेंद्र त्रिपाठी |
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| 260 |
_aनई दिल्ली _bअनामिका पब्लिशर्स _c2013 |
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| 300 | _a336पृ. | ||
| 653 | _aप्रगतिवादी आलोचना | ||
| 653 | _aप्रगातिशील साहित्य | ||
| 700 |
_aत्रिपाठी, अमरेंद्र _eEditor |
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| 942 |
_2ddc _cBK |
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| 999 |
_c15373 _d15373 |
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