| 000 | 01250 a2200445 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 000 | BKB | ||
| 001 | 133665 | ||
| 005 | 20200902152102.0 | ||
| 008 | |||
| 010 | _a | ||
| 020 | _a | ||
| 082 |
_a934 _bC38C |
||
| 100 | 1 | _aरत्नावत, श्यामसिंह | |
| 110 | _a | ||
| 245 | 1 |
_aचारण साहित्य परम्परा : प्रो. वीरेन्द्र स्वरूप भटनागर अभिनन्दन ग्रन्थ _cby श्यामसिंह रत्नावत और कृष्ण गोपाल शर्मा |
|
| 250 | _a | ||
| 260 |
_aजयपुर _bराजस्थान अध्ययन केन्द्र _c2001 |
||
| 300 | _a480p. | ||
| 490 |
_a _v |
||
| 500 | _a | ||
| 600 | _a | ||
| 610 | _a | ||
| 611 | _a | ||
| 630 | _a | ||
| 650 | _a | ||
| 651 | _a | ||
| 654 | _a | ||
| 690 | _aचारण साहित्य; | ||
| 700 |
_aशर्मा, कृष्ण गोपाल _b _c |
||
| 710 |
_a _b _c |
||
| 711 | _a | ||
| 720 | _a | ||
| 730 | _a | ||
| 740 | _a | ||
| 752 | _a | ||
| 856 |
_a _d _f |
||
| 904 | _a | ||
| 964 |
_a _b _c _d _e _f _g |
||
| 965 | _a | ||
| 999 |
_c7558 _d7558 |
||