आचार्या विध्यासागर की लोक दृष्टि और उनके काव्य का कलागत अनुशीलन
दुबे, सुनीता
आचार्या विध्यासागर की लोक दृष्टि और उनके काव्य का कलागत अनुशीलन by सुनीता दुबे; guided by शीलचंद जैन पालीवाल - विदिशा (म.प्र.) सिद्धार्थ प्रकाशन [2002] - 385p. Hardback
Hindi Poetry Vidhyasagar
891.4309 / D85A
आचार्या विध्यासागर की लोक दृष्टि और उनके काव्य का कलागत अनुशीलन by सुनीता दुबे; guided by शीलचंद जैन पालीवाल - विदिशा (म.प्र.) सिद्धार्थ प्रकाशन [2002] - 385p. Hardback
Hindi Poetry Vidhyasagar
891.4309 / D85A
